पेट में कीड़े होने का कारण लक्षण और उपचार

पेट में कीड़े होना एक बहुत आम बात है, इसकी शिकायत बच्चों बड़ो सभी को होती है. गड़बड़ खान पान से पेट में कीड़े होते है, बच्चों में खासतौर पर इसकी शिकायत होती है. गंदे हाथों से खाना, मिट्टी, पेन्सिल खाने से ये बच्चों में हो जाते है, जिसके बाद उन्हें पेट दर्द, सुजन की शिकायत हो जाती है.

पेट में कीड़े होने के कारण (Pet me keede hone ke karan)–

खाने में साफ सफाई का ध्यान ना रखना
परजीवी खाने या पानी के द्वारा शरीर में प्रवेश करते है.
आसपास गन्दगी, मच्छरों का होना
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली

पेट में कीड़े होने के लक्षण (Pet ke kide ke lakshan/symptoms) –

1 पेट दर्द
2 गैस, एसिडिटी
3 डायरिया
4 सांस लेने में तकलीफ
5 पेट में सुजन
6 खाने में अरुचि
7 नींद नहीं आना
8 कमजोरी
9 वजन कम होना
10 एनीमिया
11 सर दर्द
12 बुखार
13 पैरों में दर्द
14 नींद में दांत पीसना
15 होंठ सफ़ेद होना
16 शरीर का रंग काला होना
17 चेहरे पर सफ़ेद दाग आना

आगे पढ़िए पेट के कीड़े से निपटने के घरेलु इलाज…

पेट के कीड़े होने का घरेलू इलाज (Pet ke kide ka gharelu ilaj)-

पेट में कीड़े को ख़त्म करने के बहुत से घरेलु उपचार होते है. इनमे से हम आपके साथ कुछ यहाँ साँझा कर रहे हैं.

नारियल – नारियल आंत के कीड़ो को ख़त्म करने में बहुत असरदार है. परजीवी को नाश करने में ये बहुत अच्छा होता है. नारियल का तेल व् उसका फल दोनों ही पेट के कीड़े को नाश करता था.
1 चम्मच नारियल को किस कर रोज सुबह नाश्ते में खाएं. इसके तीन घंटे बाद 1 ग्लास गुनगुने दूध में 2 चम्मच कास्टर आयल मिला कर पिए. ऐसा तब तक करें जब तक इन्फेक्शन खत्म न हो जाये. कास्टर आयल गैस की परेशानी व् 5 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देना चाहिए.
इसके अलावा 4-5 चम्मच रिफाइंड नारियल तेल का सेवन रोज करें. इससे आपके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी.

लहसुन – लहसुन एक प्रसिध्य परजीवी विरोधी पदार्थ है, जो पेट में मौजूद किसी भी तरह के कीड़ो को नष्ट करने की ताकत रखता है. लहसुन की कली में सल्फर के साथ अमीनो एसिड भी होता है, इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल व् एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है.
खाली पेट रोज सुबह 2-3 लहसुन की कलियाँ चबाचबा कर खाएं. ऐसा एक हफ्ते तक रोजाना करें, ये सबसे आसान तरीका है सभी तरह के पेट के कीड़े ख़त्म करने का.
इसके अलावा ½ कप दूध में 1-2 लहसुन की कलि को मसल कर डालें, व् उबालें अब इसे खाली पेट पी लें. इसे भी 1 हफ्ते तक करें.
आप लहसुन की चटनी बनाकर उसमें सेंदा नमक मिलाकर भी खा सकते है.

पपीता – आयुर्वेद की द्रष्टि से पपीता बहुत ही फायदे मंद होता है. इसका पल्प व् बीज दोनों ही दवाई के तौर पर इस्तेमाल किये जाते है.
1 बड़े चम्मच पपीता के पल्प को अच्छे से मसल ले, अब इसमें शहद व् 2-3 चम्मच गर्म पानी डालें, सबको अच्छे से मिलाकर सुबह खाली पेट पियें. इसके 2 घंटे के बाद गुनगुने दूध में कास्टर आयल मिलाकर इसे भी पियें. 2-3 दिन तक इसे रोज दोहराएँ. अगर किसी बच्चे को आप ये दे रहे है तो इसकी मात्रा को हाफ कर लें.
आप पपीते के बीज को सुखाकर उसे पीस लें, जिससे वो पाउडर बन जायेगा. अब 2 tbsp इस पाउडर को 1 कप दूध या पानी के साथ मिलाएं. 3 दिन तक इसे सबसे पहले उठते साथ ही पियें.
इसके अलावा आप पपीते के बीज को पीस कर एक पेस्ट बना लें, अब इसमें 1 tbsp नारियल तेल, 1 कप नारियल का दूध व् कुछ स्लाइस पपीते के काट कर मिलाएं. अब इसे एक बार फिर से मिक्सर में पीस लें. अंत में 1 चम्मच शहद मिलाकर एक बार फिर से मिक्स करें. इसे रोज सुबह 1 हफ्ते तक पियें.

कद्दू के बीज – 2 बड़े चम्मच कद्दू के बीज को मसल कर 2-3 कप पानी में डाल कर उबालें. इसे ठंडा कर पी लें.

गाजर – गाजर को किस कर, एक छोटे कप की मात्रा बराबर रोज सुबह खाएं. गाजर पेट में मौजूद सभी तरह के इन्फेक्शन को आसानी से दूर कर देता है.

अनार – अनार के दाने व उसके छिलके दोनों ही बहुत फायदेमंद होते है. उसके छिल्कों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, अब दिन में 2-3 बार 1-1 चम्मच इस पाउडर को खाएं. इससे बहुत जल्द पेट को आराम मिलेगा. इसके अलावा आप अनार का भी सेवन कर सकते है.

नीम – नीम कड़वी जरुर होती है लेकिन एक बहुत अच्छी दवा होती है, जो बहुत रोगों को हमारे शरीर से भगाती है.
1 चम्मच नीम के सूखे हुए फूल को 1 चम्मच घी के साथ फ्राई करें, अब इसे उबले हुए चावल के साथ 3-4 दिन खाएं.
इसके अलावा 1 गिलास गुनगुना पानी या दूध में 1 चम्मच सुखी हुई नीम की पट्टी का पाउडर मिलाएं. इसे दिन में 2 बार 1 हफ्ते तक रोज पियें.
इसके अलावा नीम की पत्ती का पेस्ट बनाये, अब आधी चम्मच इस पेस्ट को 1 गिलास पानी के साथ रोज सुबह पियें. इसे एक हफ्ते दोहराएँ, फिर 1-2 हफ्ते छोड़ कर दोबारा इसे शुरू करें.

लॉन्ग – लॉन्ग में एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती है, जो पेट के कीड़े मारने में सहायक है, इससे भविष्य में किसी भी तरह के इन्फेक्शन नहीं होते है. इसी वजह से लॉन्ग को खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में सबको दिया जाता है.
1 कप गर्म पानी में 1 चम्मच लॉन्ग का पाउडर मिलाएं.
कप को ढककर 10-20 मिनट के लिए रख दें.
अब इसे दिन में 3 बार एक हफ्ते तक रोज पियें.

हल्दी – पेट की क्रमी को दूर करने में हल्दी भी काफी अच्छी होती है. हल्दी से पेट के अन्य विकार जैसे गैस, दर्द, मरोड़ आदि भी दूर हो जाते है.
खड़ी हल्दी से उसका रस निकाल लें, अब 1 tsp इस रस में चुटकीभर नमक मिलाएं, इसे रोज सुबह खाली पेट पियें.
इसके अलावा आप आधी चम्मच हल्दी पाउडर को आधे कप पानी में मिलाएं इसमें चुटकी भर नमक डालें, इसे रोजाना 5 दिनों तक पियें.
इसके अलावा आप हल्दी के रस को 1 ग्लास छाछ में मिलाकर भी पी सकते है.

जीरा – आयुर्वेद के अनुसार जीरा व् गुड़ को मिलाकर खाने से पेट की कोई बीमारी नहीं होती है.
सुबह खाली पेट एक छोटा टुकड़ा गुड़ का खाएं.
इसके 15-20 मिनट बाद आधी चम्मच पीसे हुई जीरे को 1 गिलास पानी के साथ खाएं.
2 हफ्तों तक ऐसा रोज करें इससे पेट के सारे इन्फेक्शन पूरी तरह से दूर हो जायेंगें.

अजवाइन – अजवाइन को पीस कर उसका चूर्ण बना लें, अब 1 गिलास छाछ में 1-2 ग्राम इस चूर्ण को मिलाएं, व् रोज 1 हफ्ते तक पियें. आराम मिलेगा. किसी छोटे बच्चे को देने के लिए आप आधा आधा ग्राम काला नमक व् अजवाइन चूर्ण को मिलाएं व् उसे पानी के साथ सोते समय दें.

तुलसी – तुलसी के पत्तों को बेस्ट आयुवेदिक औषधि कहा जाता है. पेट के कीड़े दूर करने के लिए आप तुलसी के रस को 1 चम्मच रोजाना पियें.

कच्चा केला – केले के बहुत से फायदे होते हैं. कच्चे केले की सब्जी बनाकर 1 हफ्ते तक खाएं पेट के कीड़े नष्ट हो जायेंगें.
आपको आज मैंने पेट के कीड़े ख़त्म करने के घरेलु नुस्खे बताये, ये बहुत आसान होते है, जिसे आप घर में आसानी से इस्तेमाल कर सकते है. अगर आपकी परेशानी बढ़ रही है तो आप किसी डॉक्टर को जरुर दिखाएँ. आपको पेट के कीड़े दूर करने के ये इलाज कैसे लगे हमको जरूर बताये. अगर आप इनके अलावा और कोई उपाय जानते है, तो हमसे शेयर करें.

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